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कोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® कà¥à¤¯à¤¾ है और ये नवजात शिशॠके लिठकà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है
जानिठकोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® कà¥â€à¤¯à¤¾ होता है और शिशॠके लिठये कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ और कैसे फायदेमंद है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान ही नहीं बलà¥à¤•ि डिलीवरी के बाद à¤à¥€ शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद मां के दूध को शिशॠके लिठअृमत माना जाता है। डिलीवरी के बाद मां के दूध यानी बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• में कई तरह के बदलाव आते हैं और इसके कई पà¥à¤°à¤•ार à¤à¥€ होते हैं जिनमें से à¤à¤• कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® होता है। कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® को शिशॠके लिठबहà¥à¤¤ लाà¤à¤•ारी माना जाता है।आइठजानते हैं कि कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® कà¥â€à¤¯à¤¾ होता है और इससे शिशॠको कà¥â€à¤¯à¤¾ लाठमिलते हैं।कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® कà¥â€à¤¯à¤¾ है
डिलीवरी के बाद सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में जो पहला दूध आता है, उसे कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® कहते हैं। ये दूध पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के आखिरी महीनों और डिलीवरी के बाद कà¥à¤› दिनों तक आता है। इस दूध से नवजात शिशॠको कई तरह के लाठमिलते हैं। इसका रंग पीला या संतरी और गाढ़ा होता है लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¥€ ये साफ और पतला à¤à¥€ हो सकता है। कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® में बीटा-कैरोटीन की उचà¥â€à¤š मातà¥à¤°à¤¾ के कारण ही इसका रंग गहरा पीला या संतरी होता है। डिलीवरी के बाद कम से कम 5 दिनों तक कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® आता है।कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® के फायदे
कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® à¤à¤• विशेष पà¥à¤°à¤•ार का दूध होता है जिससे नवजात शिशॠको कई तरह के लाठमिलते हैं, जैसे कि :
जनà¥â€à¤® के बाद पहली बार शिशॠदूध के रूप में कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® ही पीता है। इससे उसे कई पोषक ततà¥â€à¤µ मिल जाते हैं।
शिशॠको पहली बार पॉटी करने में ये मदद करता है और बचà¥â€à¤šà¥‡ के शरीर से बिलीरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ को निकालकर पीलिया होने को रोकता है।
ये शिशॠकी इमà¥â€à¤¯à¥‚निटी को मजबूत बनाने के लिठअधिक मातà¥à¤°à¤¾ में लिमà¥â€à¤«à¥‹à¤¸à¤¾à¤‡à¤Ÿ और मैकà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤œ जैसी कोशिकाओं को निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करता है।
इसमें सीकà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ इमà¥â€à¤¯à¥à¤¨à¥‹à¤—à¥â€à¤²à¥‹à¤¬à¥à¤²à¤¿à¤¨ ठनामक à¤à¤‚टीबॉडी की उचà¥â€à¤š मातà¥à¤°à¤¾ होती है। इसलिठकोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® शिशॠको संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ से बचाने में कारगर होता है।
कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® में उचà¥â€à¤š मातà¥à¤°à¤¾ में कोलेसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² होता है जो बचà¥â€à¤šà¥‡ के तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° के विकास में मदद करता है।
ये जिंक, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, विटामिन à¤, बी6 और के पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर शिशॠके संपरà¥à¤£ विकास में मदद करता है।
डिलीवरी के बाद कब तक आता है कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤®
डिलीवरी के बाद 3 से 4 दिनों तक सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® बनता है। पांचवें दिन से बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• आना शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है जो कि पतला और सफेद होता है। कà¥à¤› दà¥à¤°à¥à¤²à¤ मामलोंं में मां का दूध आने में à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय लग सकता है।
कई बार कà¥à¤› कारणों की वजह से मां शिशॠको कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® नहीं दे पाती हैं
पोषक ततà¥â€à¤µà¥‹à¤‚ से यà¥à¤•à¥â€à¤¤ होने के कारण कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® शिशॠके लिठबहà¥à¤¤ फायदेमंद होता है इसलिठडिलीवरी के बाद अपने नवजात शिशॠको ये दूध जरूर पिलाà¤à¤‚।
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